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कानपुर: न्यायिक आयोग की टीम ने देखा एनकाउंटर स्‍पॉट

कानपुर। बिकरू हत्याकांड और एनकांउटर की जांच करने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित आयोग शुक्रवार को सर्किट हॉउस पहुंचा। इसके बाद आयोग अधिकारियों के साथ कांशीराम नेवादा गांव के जंगलों में पहुंची, जहां पर प्रेम प्रकाश और अतुल दुबे का एनकाउंटर हुआ था।

सुप्रीम कोर्ट से रिटायर्ड जज बीएस चौहान के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच आयोग ने कांशीराम नेवादा गांव के जंगलों में पहुंचकर अधिकारियों की जुबानी प्रेम प्रकाश पांडेय और अतुल दुबे के एनकाउंटर सीन को समझा। आयोग ने आईजी रेंज समेत अन्य अधिकारियों से पूरे सीन को समझाने को कहा।

मालूम हो कि बीते 2 जुलाई की रात दबिश देने गई पुलिस टीम पर विकास दुबे ने अपने साथियों के साथ मिलकर घात लगाकर हमला किया। जिसमें सीओ समेत आठ पुलिस कर्मी शहीद हो गए थे। 3 जुलाई की सुबह पुलिस ने कांशीराम नेवादा गांव के जंगलों में घेरा बंदी की थी। बिकरू कांड को अंजाम देने के बाद भाग रहे पांच बदमाशों को पुलिस ने जंगल में घेर लिया था। पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के मामा प्रेमप्रकाश पांडेय और भतीजे अतुल दुबे को मार गिराया था। बाकी के तीन बदमाश पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए थे।

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तीन सदस्यीय आयोग बीते चार अगस्त को बिकरू गांव पहुंचा था। बदमाशों ने किस तरह से पुलिस कर्मियों पर हमला किया था। इसके लिए आयोग ने रास्ते मे जेसीबी लगाकर पूरा घटना क्रम समझा था। इसके साथ ही ग्रामीणों से भी बात कर जानकारी जुटाई थी। बिकरू गांव की जांच के बाद आयोग के एक सदस्य कोरोना संक्रमित पाए गए थे, इसके बाद आयोग के तीनों सदस्य सेल्फ क्वॉरंटाइन हो गए थे।

सुप्रीम कोर्ट ने बिकरू हत्याकांड की जांच के लिए आयोग का गठन किया था। सुप्रीम कोर्ट के रिटार्यड जज जस्टिस बीएस चौहान की अध्यक्षता वाला तीन सदस्यीय आयोग इस मामले की जांच कर रहा है। न्यायिक आयोग दो महीने में जांच पूरी कर सुप्रीम कोर्ट और प्रदेश सरकार को सौंपेगा। जांच आयोग में जस्टिस बीएस चौहान के साथ इलाहाबाद हाईकोर्ट के सेवानिवृत न्यायाधीश शशिकांत अग्रवाल और पूर्व डीजीपी केएल गुप्ता शामिल हैं।

रिपोर्ट-अजय गुप्ता

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