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उद्धव ठाकरे को शरद पवार ने दी ये बड़ी नसीहत, जानकर लोग हुए हैरान

शुक्रवार शाम को चुनाव आयोग ने बड़ा फैसला लेते हुए शिवसेना का नाम और चुनाव चिह्न एकनाथ शिंदे गुट को दे दिया। आयोग के इस फैसले को उद्धव ठाकरे ने नकार दिया है। उद्धव ने कहा कि केंद्र के इशादे पर यह फैसला लिया गया है।

उन्होंने सुप्रीम कोर्ट पर निष्ठा बरकरार रखी है। कहा कि मामला अभी विचाराधीन है तो आयोग को इतनी जल्दी क्यों थी? इस मसले पर शिंदे गुट और बीजेपी में खुशी है तो उद्धव के साथी नेताओं में नाराजगी। इस बीच एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने व्याकुल उद्धव ठाकरे को नसीहत दी है। उन्होंने समझाया कि इस फैसले का कोई बड़ा असर नहीं होगा। पवार ने इंदिरा गांधी का भी उदाहरण दिया।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के प्रमुख शरद पवार ने दावा किया कि चुनाव आयोग के इस फैसले का कोई बड़ा असर नहीं होगा। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि लोग नए प्रतीक को स्वीकार करेंगे। एनसीपी प्रमुख ने ठाकरे से पैनल के फैसले को स्वीकार करने और नया सिंबल लेने को कहा।

उन्होंने कहा, “यह चुनाव आयोग का फैसला है। एक बार फैसला हो जाने के बाद कोई चर्चा नहीं हो सकती। इसे स्वीकार करें और नया चुनाव चिह्न लें। इसका (पुराने चुनाव चिह्न के चले जाने का) कोई बड़ा असर नहीं होने वाला है क्योंकि लोग इसे स्वीकार करेंगे।” (नया चुनाव चिह्न) अगले 15-30 दिनों तक यह चर्चा में बना रहेगा, बस इतना ही।’

पवार ने कहा, “मुझे याद है कि इंदिरा गांधी ने भी इस स्थिति का सामना किया था। कांग्रेस के पास ‘दो बैल एक जुए के साथ’ का प्रतीक हुआ करता था। बाद में, उन्होंने इसे खो दिया और ‘हाथ’ को एक नए प्रतीक के रूप में अपनाया और लोगों ने इसे स्वीकार कर लिया। इसी तरह लोग नए चुनाव चिह्न (उद्धव ठाकरे गुट के) को स्वीकार करेंगे।

उन्होंने कांग्रेस के सिंबल ‘दो बैलों’ से ‘एक हाथ’ में बदलने की याद दिलाई और कहा कि लोग उद्धव ठाकरे गुट के नए सिंबल को उसी तरह स्वीकार करेंगे जैसे उन्होंने कांग्रेस के नए सिंबल को स्वीकार किया था।

 

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