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IPL 2021: पंजाब किंग्स ने नाम तो बदल लिया लेकिन क्या प्रदर्शन में बदलाव कर जीत पाएगी पहला खिताब

पंजाब किंग्स (Punjab Kings) की टीम आईपीएल (IPL) की उन टीमों में शामिल जिसे बहुत ज्यादा कामयाबी हासिल नहीं हो पाई है. वह ऐसी टीमों में शामिल रही है जो अकसर अंकतालिका में नीचे के स्थानों पर रही है. टीम ने इस सीजन के लिए अपना नाम में बदलाव किया है. वह अब किंग्स इलेवन पंजाब की जगह पंजाब किंग्स के नाम से जानी जाएगी. टीम इस बार भी केएल राहुल (KL Rahul) की कप्तानी में खेलने उतरेगी. पिछले सीजन में टीम ने कई यागदार जीत हासिल की थी और यह साबित किया था कि यह टीम खिताब जीतने की ताकत रखती है.

पंजाब किंग्स (Punjab Kings) की टीम आईपीएल की शुरुआत से ही लीग का हिस्सा है. आईपीएल के अब तक खेले गए 13 सीजन में पंजाब टीम सिर्फ 2014 में फाइनल खेली है. पंजाब की यह टीम पिछले सत्र में तालिका में छठे स्थान पर थी लेकिन टीम लगातार पांच जीत दर्ज कर प्लेऑफ में पहुंचे के करीब पहुंच गयी थी. पिछले सत्र टीम को पहले मैच में दिल्ली कैपिटल्स (Delhi Capitals) के खिलाफ विवादित शॉर्ट रन का खामियाजा भुगतना पड़ा था. यह फैसला अगर उनके खिलाफ नहीं होता तो टीम शीर्ष चार में होती. इस साल पंजाब किंग्स अपने आईपीएल अभियान की शुरुआत 12 अप्रैल को राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ मैच से करेगी.

नीलामी में टीम की कमी को पूरा करने की कोशिश की

पंजाब किंग्स ने इस बार नीलामी में 9 खिलाड़ी खरीदे थे. इसमें से चार ऑलराउंडर हैं. इसमें दो विदेशी और दो भारत के हैं. इनके नाम हैं फैबियन ऐलन(वेस्टइंडीज), मोइजेस हेनरिक्स(ऑस्ट्रेलिया), जलज सक्सेना और उत्कर्ष सिंह. फैबियन ऐलन पर खासतौर पर नजर रहेगी. वह तूफानी बल्लेबाजी के साथ-साथ किफायती गेंदबाजी भी कर सकते हैं. हालांकि वह अब तक इस लीग में खेले नहीं है और यह पहला मौका है जब वह आईपीएल में खेलेंगे.

वहीं लंबे समय बाद जलज सक्सेना को लीग में मौका मिला है. घरेलू क्रिकेट में वह काफी बड़ा नाम है. ऑफ स्पिनर जलज अब तक 123 फर्स्ट क्लास मैच खेल में 6334 रन बनाने के साथ 347 विकेट ले चुके हैं. उन्होंने 59 टी20 में 59 विकेट लिए हैं. वो लगातार तीन साल देश के बेस्ट ऑलराउंडर रहे हैं. इस साल जनवरी में हुए सैयद मुश्ताक अली टी20 टूर्नामेंट में भी जलज ने 5 मैच में 10 विकेट लिए थे. उनका इकोनॉमी रेट 6.26 रहा था.

विस्फोटक बल्लेबाजों की नहीं है कमी

टीम का सबसे मजबूत पक्ष उसकी बल्लेबाजी है. टीम में कप्तान केएल राहुल, मयंक अग्रवाल, निकोलस पूरन और ‘यूनिवर्सल बॉस’ जैसे विस्फोटक बल्लेबाज है. कप्तान राहुल पिछले सीजन में सबसे अधिक रन बनाये थे और वह शानदार फॉर्म में थे. उनकी और मयंक अग्रवाल की ओपनिंग जोड़ी टीम के लिए काफी भरोसेमंद साबित हुई थी . ‘यूनिवर्सल बॉस’ क्रिस गेल को पिछले सत्र के शुरुआती मैचों में मौका नहीं मिला था, लेकिन जब मौका मिला तो उन्होंने निराश नहीं किया. उन्होंने सात मैचों में 137.14 की स्ट्राइक रेट से 288 रन बनाए.

गेंदबाजी खड़ी कर सकती है मुश्किल

ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज जाय रिचर्डसन और रिले मेरेडिथ के जुड़ने से टीम की तेज गेंदबाजी मजबूत हुई है. मेरेडिथ ने बिग बैश लीग में शानदार प्रदर्शन किया था. उनके आने से मोहम्मद शमी और इंग्लैंड के क्रिस जोर्डन से दबाव कम होगा. पिछले साल लीग में 20 विकेट लेने वाले शमी की कलाई ऑस्ट्रेलिया दौरे पर फ्रैक्चर हो गई थी और वह चार महीने के बाद मैदान पर वापसी करेंगे. ऐसे में उनके प्रदर्शन पर नजर होगी. पिछले सत्र में प्रभावित करने वाले मुरुगन अश्विन और युवा रवि बिश्नोई से एक बार फिर अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी.

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