Breaking News

दूसरे विश्व युद्ध के बाद इस वजह से बर्लिन के बीचों बीच खड़ी कर दी गई थी दीवार

दूसरे विश्व युद्ध के बाद जब जर्मनी दो देशों में बंट गया तो राजधानी बर्लिन के बीचों बीच एक दीवार खड़ी कर दी गई ताकि कोई भी एक देश से दूसरे देश में नहीं जा पाए. जब ये दीवार टूटी तो लोगों ने बहुत खुशियां मनाईं

09 नवंबर के दिन बर्लिन की दीवार अचानक गिर गई. ये जर्मनी ही नहीं दुनियाभर के लिए एक ऐतिहासिक दिन था. गूगल ने इसकी याद में आज एक खास गूगल डूडल बनाया है. इस दीवार ने 28 सालों तक बर्लिन शहर को पश्चिम और पूर्व में बांटा था. इसे गिरे अब तीस साल बीत चुके हैं. बर्लिन शहर को दो हिस्सों में बांटने वाली दीवार 13 अगस्त 1961 को खड़ी की गई. 09 नवंबर 1989 को ये गिरा दी गई. दरअसल दूसरे विश्व युद्ध के बाद जर्मनी दो देशों में भी बंट गया था. पूर्वी जर्मनी और पश्चिमी जर्मनी. इन दोनों देशों का भी दीवार गिरने के बाद एकीकरण हो गया था.

1950 और 1960 के दशक के शीत युद्ध में पश्चिमी देश बर्लिन को पूर्वी ब्लॉक की जासूसी के लिए भी इस्तेमाल करते थे. जब तक सीमा खुली थी तो वे रूसी सेक्टर में चले जाते थे. 1960 में लगभग 80 जासूसी सेंटर थे. इतने ही सेंटर पूर्वी ब्लॉक के खिलाफ भी काम कर रहे थे. इस तरह के जासूसी युद्ध को उस जमाने में खामोश युद्ध कहा जाता था.

Loading...

कब और क्यों बनी ये दीवार इन्हीं सब वजहों से परेशान हो कर 1961 में 12 और 13 अगस्त की रात पूर्वी और पश्चिमी बर्लिन की सीमा को बंद कर दिया गया. हजारों सैनिक सीमा पर तैनात किए गए और मजदूरों ने कंटीले तार लगाने शुरू किए. इसके बाद वहां दीवार बननी शुरू हुई. यह काम रात को एक बजे शुरू किया गया. सड़कों पर जलने वाली लाइटें भी बंद कर दी गईं ताकि पश्चिमी हिस्से के लोगों को पता न चले.

सुबह तक शहर दो हिस्सों में बंट चुका था और लोगों को पता ही नहीं चल रहा था कि क्या हो रहा है. समय बीतता गया और लोग दीवार पार कर अपनों से मिलने की कोशिश करते रहे.

Loading...

About News Room lko

Check Also

ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स में फैल रही आग से आपातकाल घोषित

ऑस्ट्रेलिया के सबसे अधिक आबादी वाले राज्य न्यू साउथ वेल्स में सोमवार को आग आपातकाल ...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *