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ऑनलाइन ट्रांजेक्‍शन करने वालों को RBI का तोहफा, लेनदेन पर अब कोई शुल्क नहीं

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने आम आदमी और कंपनियों को बड़ा तोहफा देते हुए ब्याज दरों में कटौती का ऐलान किया है। रेपो रेट 0.25 फीसदी कम होकर 5.75 फीसदी हो गया है। यह लगातार तीसरा मौका है जब ब्याज दर घटाई गई हैं। पिछली दो बैठकों में भी MPC रेपो रेट में चौथाई-चौथाई फीसदी की कटौती कर चुकी है। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि 2018-19 की चौथी तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर 5 साल के निचले स्तर पर आ गई है, जिसके मद्देनजर रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दरों में कटौती की गुंजाइश थी।

इसके अलावा ऑनलाइन ट्रांजेक्‍शन करने वालों को भी आरबीआई की बैठक से खुशखबरी मिली है। दरअसल, रिजर्व बैंक ने RTGS और NEFT लेनदेन पर लगाए गए शुल्क को हटा दिया है। इसका मतलब यह हुआ कि अब RTGS और NEFT के जरिए ट्रांजेक्‍शन करने वाले लोगों को किसी भी तरह का एक्‍स्‍ट्रा चार्ज नहीं देना होगा।

दरअसल रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (RTGS) सिस्टम के तहत मनी ट्रांसफर का काम तुरंत होता है। आरटीजीएस का उपयोग मुख्यत: बड़ी राशि को ट्रांसफर करने के लिए होता है। इसके तहत न्यूनतम 2 लाख रुपये भेजे जा सकते हैं और अधिकतम राशि भेजने की कोई सीमा नहीं है। अलग-अलग बैंकों का आरटीजीएस चार्ज अमाउंट के हिसाब से अलग-अलग होता है।

इसके अलावा रिजर्व बैंक ने जीडीपी का अनुमान घटा दिया है। रिजर्व बैंक के मुताबिक जीडीपी ग्रोथ रेट 7 फीसदी रहने का अनुमान है। इससे पहले आरबीआई ने जीडीपी ग्रोथ को 7.2 फीसदी का अनुमान लगाया था. वहीं केंद्रीय बैंक ने 2019-20 की पहली छमाही में महंगाई दर 3 से 3.1 फीसदी तक रहने का अनुमान जताया है। वहीं साल की दूसरी छमाही में यह आंकड़ा 3.4%-3.7% तक रह सकता है।

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