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मुख्य सचिव की अध्यक्षता में प्रादेशिक फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी-2023 के आयोजन के सम्बन्ध में बैठक आयोजित

लखनऊ। मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र की अध्यक्षता में प्रादेशिक फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी-2023 के आयोजन के सम्बन्ध में बैठक सम्पन्न हुई। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदर्शनी में नवाचार का उपयोग अधिक से अधिक किया जाये। प्रदर्शनी का आयोजन इस प्रकार हो कि लोग फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में अधिक से अधिक निवेश करने के लिये प्रेरित हो। प्रदर्शनी को आकर्षित बनाने के लिए इसे रोजगार, युवा और टेक्नालॉजी से जोड़ा जाए।

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उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी को आकर्षक और सुव्यवस्थित ढंग से आयोजित किया जाये, ताकि अधिक से अधिक लोग प्रदर्शनी देखने के लिये आयें। आज लोग घर के छत पर ही खेती कर रहे हैं, उसको और डेवलप किया जाए। बच्चों को आकर्षित करने के लिये स्कूलों को आमंत्रित किया जाये। प्रदर्शनी के दौरान स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाये। भारत सरकार के प्रदेश में स्थिति औद्यानिक संस्थानों-सीमैप, एनबीआरआई, सीआईएसएच, आईआईवीआर-वाराणसी, प्रदेश के कृषि विश्वविद्यालयों आदि को भी प्रदर्शनी में स्टाल लगाने के लिये आमंत्रित किया जाये।

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उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री जी ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने का लक्ष्य रखा है। उद्यान सेक्टर अर्थव्यवस्था में अधिक से अधिक योगदान करने के लिये कार्य करना चाहिये। उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा प्रदेश में फल, शाकभाजी, आलू, मसाला, पुष्प आदि औद्यानिक फसलों के विकास, फल-शाकभाजी संरक्षण विधियों के प्रचार के साथ-साथ मधुमक्खी पालन, खाद्य प्रसंस्करण, कुकरी, बेकरी एवं कन्फेक्शनरी आदि विधाओं में प्रशिक्षण, औषधीय एवं सगन्ध फसलों की खेती का विकास तथा पान की खेती को प्रोत्साहन तथा अनुपूरक उद्यम के रूप में मशरूम उत्पादन के सुनियोजित विकास के लिए विभिन्न कार्यक्रम संचालित किये जायें। उन्होंने कहा कि माननीया श्री राज्यपाल महोदया की अनुमति से प्रदर्शनी के आयोजन की तिथियों का शीघ्र निर्धारण कर लिया जाये। इससे पूर्व प्रजेन्टेशन के माध्यम से प्रदर्शनी के आयोजन के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गयी।

बैठक में बताया गया कि प्रदर्शनी में गृह वाटिका एवं शोभाकार उद्यानों की प्रतियोगिता हेतु प्रविष्टि शुल्क तथा प्रदर्शनी स्थल में प्रवेश शुल्क में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है तथा गत वर्ष की भांति व्यक्तिगत वर्ग गृह वाटिका के लिए रुपये 50/- व सरकारी, अर्द्धसरकारी, सस्थाओं एवं पब्लिक पार्क के लिए रुपये 100/- तथा उद्यान वर्ग के लिए क्रमशः 100/- एवं 200/-यथावत रखा गया है। प्रदर्शनी में प्रवेश शुल्क गत वर्ष की भांति सभी स्कूली बच्चों के लिए निःशुल्क तथा अन्य के लिए रुपये 5/- प्रति व्यक्ति प्रस्तावित किया गया है। प्रदर्शनी में लगने वाले व्यावसायिक स्टालों के लिए शुल्क भी गतवर्ष का ही प्रस्तावित किया गया है।

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इसी प्रकार राजकीय विभागों को गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी निःशुल्क स्टॉल दिया जाना प्रस्तावित है। फूड एवं कामर्शियल जोन में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को निःशुल्क स्टाल उपलब्ध कराया जाना प्रस्तावित है। प्रदर्शनी में आने वाले विभिन्न प्रदर्शों की प्रविष्टि शुल्क गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी रुपये 5/- प्रति प्रविष्टि रखा जाना प्रस्तावित है।

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इसके अलावा प्रदर्शनी स्थल पर सेना एवं पीएसी के बैण्ड की व्यवस्था, सुरक्षा हेतु पुलिस की व्यवस्था, स्वच्छता के लिए कूड़ादान एवं पर्याप्त संख्या में टॉयलेट्स आदि की व्यवस्था तथा स्वच्छ पाश्चुराइज पेयजल की व्यवस्था सम्बन्धित विभागों एवं संस्थानों के द्वारा की जायेगी। सूचना विभाग द्वारा प्रदर्शनी के आयोजन का व्यापक प्रचार-प्रसार प्रिन्ट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया तथा होर्डिंग के माध्यम से किया जायेगा। बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त मनोज कुमार सिंह, विशेष सचिव उद्यान योगेश कुमार, जिलाधिकारी लखनऊ, नगर आयुक्त लखनऊ व निदेशक उद्यान आरके तोमर सहित प्रादेशिक फल शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी समिति के सदस्यों द्वारा प्रतिभाग किया गया।

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