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बेंगलुरु दंगे में चार्जशीट से हुआ साजिश का खुलासा, कांग्रेस पार्टी के नेता का भी नाम शामिल

बेंगलुरू हिंसा मामले में दाखिल चार्जशीट से बड़ा खुलासा हुआ है। अगस्त माह को हुए बेंगलुरु दंगों की साजिश की जैसे-जैसे परतें खुल रही हैं। वैसे-वैसे कांग्रेस की पोल खुलती दिख रही है। इस मामले में अब कांग्रेस को जवाब देने मुश्किल हो गया है। कर्नाटक पुलिस की सेंट्रल क्राइम  ब्रांच की चार्जशीट के मुताबिक दंगों के पीछे कांग्रेस के नेताओं का हाथ है।

बता दें कि बेंगलुरू हिंसा की सेंट्रल क्राइम ब्रांच (सीसीबी) जांच कर रही है। सोशल मीडिया पोस्ट के चलते बेंगलुरू में हिंसा भड़क गई थी, जिसके बाद इस मामले की जांच सीसीबी को सौंप दी गई थी। सीसीबी ने इस मामले में अपनी प्राथमिक चार्जशीट दायर कर दी है। चार्जशीट में सीसीबी ने कांग्रेस के पूर्व मेयर आर संपथ राज को डीजे हल्ली हिसा का आरोपी बनाया है। इसके अलावा कांग्रेस के कॉर्पोरेटर अब्दुल रकीब जाकिर का नाम भी 850 पन्नों की चार्जशीट में दर्ज है।

Bengaluru violence

इतना ही नहीं बताया जा रहा है कि कांग्रेस नेता संपत राज ने अपनी ही पार्टी के दलित विधायक अखंड श्रीनिवास मूर्ति को निशाना बनाने के लिए एसडीपीआई की मदद ली।

सीबीआई की 850 पन्नों की चार्जशीट को सोमवार को स्थानीय कोर्ट में दाखिल किया गया है, जिसमे पुलिस ने कांग्रेस नेता संपथ राज और जाकिर को 51वें और 52 नंबर का आरोपी बनाया है। सीसीआई के अधिकारी ने बताया कि संपथ राज जोकि डीजे हल्ली से कांग्रेस कॉर्पोरेटर भी हैं, ये उन लोगों में शामिल हैं, जिन्हें हिंसा के बारे में जानकारी थी, लेकिन इन्होंने पुलिस को इसकी जानकारी नहीं दी। राज और जाकिर से सीसीबी ने पूछताछ की थी, लेकिन उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया था।

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चार्जशीट के मुताबिक, इस हिंसा के लिए मई 2020 से साजिश रची जा रही थी। संपत राज ने साजिश में बड़ी भूमिका निभाई। पार्षद अब्दुल रकीब जाकिर भी इसका हिस्सा था। बेंगलुरु पुलिस का मानना है कि भीड़ का इरादा मूर्ति की हत्या करने का था, यहां तक कि एआर जाकिर मूर्ति को राजनीतिक रूप से खत्म करने की साजिश कर रहा था। यह पता चला है कि संपत राज और जाकिर ने दूर से हमले का समन्वय किया था। चार्जशीट में कहा गया है कि दोनों ने अपने फोन भी अपने घरों पर छोड़ दिए ताकि पुलिस उन्हें दंगों के करीब ना ट्रैक कर सके।

बता दें कि अभी तक इस हिंसा में 421 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिसमे एसडीपीआई के नेता मुजम्मिल पाशा भी शामिल हैं।

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