Breaking News

जयपुर गये युवक की बीमारी के चलते हुई मौत, शव गांव पहुंचते ही मचा कोहराम

बिधूना। कोतवाली की चौकी रूरूगंज क्षेत्र के गांव चंदैया निवासी छात्र जयपुर घूमने गया था। जहां पर उसे फीवर आने के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल में उपचार के दौरान छात्र की मौत हो गयी। युवक की मौत की खबर आते ही घर में कोहराम मच गया। छात्र माता-पिता का इकलौता पुत्र था।

जानकारी के अनुसार चंदैया निवासी गुरूनारायन राजपूत का इकलौता 17 वर्षीय पुत्र अभिषेक राजपूत कक्षा 11 का छात्र था। वह वह आर.एस. इंटर कालेज साहूपुर में पढ़ता था। अभिषेक पढ़ाई के साथ अपने पिता के साथ  खेती किसानी में हांथ बटाया करता था। उसकी इच्छा सरकारी नौकरी करने की थी। वह अपने पिता से कहा करता था कि इंटर पास करने के बाद नौकरी के लिए कानपुर में कोचिंग करेगा। पिता भी बेटे का हौसला बढ़ाते हुए कहते थे कि पहले इंटर कर लो उसके बाद कोचिंग में जो खर्चा होगा वह सब करेंगे ताकि नौकरी करने की तुम्हारी इच्छा पूरी हो सके।

अभिषेक 6 सितम्बर बुढ़वा मंगल वाले दिन अपने मौसेरे भाई सुनील कुमार के पास घूमने के लिए जयपुर गया था। जहां पर बीते सोमवार को उसको फीवर आया और उसकी हालत अचानक ज्यादा खराब हो गयी। जिस पर मौसेरे भाई ने उसे उपचार हेतु जयपुर के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया। जहां पर उपचार के दौरान मंगलवार की रात्रि में अभिषेक की मृत्यु हो गयी। इकलौते पुत्र की मौत की सूचना चंदैया गांव में घर पर आते ही परिजनों में कोहराम मच गया।

बुधवार की दोपहर अभिषेक का शव आते ही गावं में मातम छा गया। इकलौता पुत्र होने के कारण माता पुष्पा देवी, पिता गुरूनारायन एवं इकलौता भाई होने के कारण बहन अंशू का रो-रोकर बुरा हाल हो रहा है। बहन चिल्ला-चिल्ला कर कह रही थी कि अब वह राखी किसको बांधेगी। कुछ समय शव को घर पर रखने के बाद युवक का अंतिम संस्कार कर दिया गया। छात्र की मौत की जानकारी मिलते ही पूर्व राज्यमंत्री लाखन सिंह राजपूत ने चंदैया गांव पहुंचकर परिजनों से मिलकर अपनी शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं।

रिपोर्ट – संदीप राठौर चुनमुन

About Samar Saleel

Check Also

विजय दशमी का संदेश

🔊 खबर सुनने के लिए क्लिक करें विजय दशमी का महत्व असत्य और अधर्म प्रवृत्ति ...