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ब्रज क्षेत्र का समग्र विकास

डॉ दिलीप अग्निहोत्री

योगी सरकार प्रदेश के पौराणिक स्थलों का विश्वस्तरीय विकास कर रही है.योगी आदित्यनाथ ने यहां रहने वाली निराश्रित महिलाओं का जीवन स्तर सुधारने पर भी ध्यान दिया. इसके लिए सरकार ने अपने स्तर से अनेक प्रयास किए हैं. इसके लिए राष्ट्रपति रामनाथ कोविद ने मुख्यमंत्री की सराहना की. राष्ट्रपति वृंदावन यात्रा पर आए थे. उन्होंने कृष्ण कुटीर में निराश्रित महिलाओं से संवाद किया.

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री सभी माताओं और बहनों के जीवन को सुगम और सरल बनाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहे हैं. केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा वृन्दावन में कृष्ण कुटीर का निर्माण किया गया है. कृष्ण कुटीर को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा भरपूर सहयोग दिया जा रहा है. वृन्दावन की माता एवं बहनों के लिए प्रदेश सरकार द्वारा मासिक पेंशन की भी व्यवस्था की गई है. माताओं की देखभाल केन्द्र व राज्य सरकार मिलकर कर रही हैं.

ब्रज क्षेत्र का समग्र विकास

मुख्यमंत्री ने ही महिलाओं के दुःख दर्द सुनने, उनकी पीड़ाओं को कम करने तथा उनसे मिलने का यह कार्यक्रम बनाया था. इस समय कृष्ण कुटीर आश्रय सदन में करीब डेढ़ सौ महिलाएं जीवन यापन कर रही हैं. कृष्ण कुटीर आश्रय सदन में एक हजार महिलाओं के रहने की व्यवस्था है. जिसका प्रबन्ध केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा किया जा रहा है. सरकार का उद्देश्य है कि इन महिलाओं का जीवन सुगमता से व्यतीत हो. इन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी ना करना पड़े. कृष्ण कुटीर आश्रम में कुछ महिलाएं भजन संध्या कार्यक्रम सम्पन्न करती हैं, कुछ अगरबत्ती बनाने, तुलसी की माला पिरोने आदि का काम करके अपने को व्यस्त रखती हैं, ईश्वर की आराधना करके मुक्ति के मार्ग को प्रशस्त करती हैं.

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिला चिकित्सालय मथुरा, मेडिकल कॉलेज आगरा आदि के माध्यम से इन्हें स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जा रही हैं. आयुष्मान भारत योजना तथा मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के अन्तर्गत, माताओं को स्वास्थ्य सुविधा प्रदान की जा रही है. वृन्दावन की माताओं द्वारा तैयार किया गया रंग और गुलाल राज्य सरकार की मदद से दूर-दूर तक पहुंचाया जा रहा है. उन्हें फेस पाउडर बनाने की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है.

इन महिलाओं को स्वावलम्बी बनाने तथा बेसिक शिक्षा परिषद के माध्यम से उन्हें प्रौढ़ शिक्षा कार्यक्रम से जोड़ा गया है. केन्द्र सरकार द्वारा महिलाओं के भोजन की व्यवस्था में मदद की जाती है. वृन्दावन के साथ-साथ बनारस, अयोध्या, गोरखपुर और प्रदेश के अन्य स्थानों पर भी निराश्रित महिलाओं के लिए इस प्रकार के आश्रय स्थलों के निर्माण की कार्यवाही की जा रही है. जिससे कोई माता या बच्चों का पालन-पोषण करने वाली महिलाएं अपने आपको निराश महसूस न कर सकें.

योगी ने इसे यह एक संवदेनशील सरकार का दायित्व बताया है.उनकी सरकार गंभीरता के साथ इस दायित्व का निर्वाह कर रही है. कुछ दिन पहले योगी आदित्यनाथ ने मथुरा में उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की पांचवी बोर्ड बैठक की अध्यक्षता की थी. उन्होंने निर्देश दिए थे
कि विभिन्न आश्रमों में रहने वाली निराश्रित विधवाओं को सरकारी योजनाओं एवं अन्य कार्यक्रमों से जोड़कर उन्हें स्वावलम्बी बनाया जाए.

राष्ट्रपति सपत्नीक वृंदावन यात्रा पर आए थे. उन्होंने बांकेबिहारी धाम में पूजा की. उन्होंने ठाकुरजी की देहरी का पूजन कर पांच दीपक जलाए. बांकेबिहारी को इत्र, गुलाब, फल एवं मिठाई निवेदित किया. गुलाबजल से देहरी का अभिषेक किया. वह भाव विभोर होकर बांके बिहारी की मनोहरी छवि निहारते रहे. मंदिर परिसर में उनका वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ स्वागत किया. इससे पूर्व हेलीपैड पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रपति का स्वागत किया.वह कृष्ण कुटीर भी गए.

यहां उन्होंने निराश्रित और बेसहारा महिलाओं से मुलाकात की. राष्ट्रपति ने कृष्ण कुटीर आश्रय सदन में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया. कहा कि वेदों की रचना करने वाली लोपामुद्रा, अपाला और घोषा जैसी महिला ऋषियों वाले समाज में महिलाओं के तिरस्कार की स्थितियां बनती हैं, यह एक कड़वा सच है. हमें बाल विवाह, सती प्रथा और दहेज प्रथा की तरह विधवा जीवन की कुरीति को भी समाज से दूर करना होगा.

महिलाओं के पुनर्विवाह, आर्थिक स्वावलम्बन, पारिवारिक सम्पत्ति में हिस्सेदारी,सामाजिक अधिकारों की रक्षा जैसे उपाय करना समाज का भी दायित्व है. इसके साथ ही योगी आदित्यनाथ सम्पूर्ण ब्रज क्षेत्र के विकास हेतु कटिबद्ध है. ब्रज विकास पारिषद की बैठक में उन्होंने इस संबंध में अधिकारियों को निर्देशित किया था. उनका कहना था कि ऐसी योजनाएं बनायी जाएं, जिससे ग्राम पंचायत, नगर पंचायत नगर पालिका परिषद तथा नगर निगम आत्मनिर्भर बनें. गोवर्धन कनेक्ट परियोजना के अन्तर्गत गोवर्धन पर्वत से एनएच दो को जोड़ने तथा विभिन्न मार्गों द्वारा इसे को जोड़ने का प्रस्ताव रखा गया था. प्रस्तावित मार्ग की कुल लम्बाई करीब पचास किमी होगी.

इसके अलावा मथुरा वृन्दावन रेल बस मार्ग के स्थान पर यातायात के वैकल्पिक साधन विकसित किए जाने, मथुरा जनपद में सिटी फॉरेस्ट सौभरि वन परियोजना, पर्यटन पुलिस थाने की स्थापना, उप्र ब्रज तीर्थ विकास परिषद की परियोजनाओं के कार्यों को सम्पादित कराए जाने हेतु मथुरा वृन्दावन विकास प्राधिकरण को कार्यदायी संस्था नामित किए जाने, वृन्दावन गीता शोध संस्थान एवं रामलीला अकादमी, ग्राम पारसौली में सूरदास अकादमी की स्थापना, परिषद को एफसीआरए के अन्तर्गत, पंजीकृत कराने, यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा जनपद मथुरा में राया अर्बन रोड विकसित किए जाने, विधवा महिलाओं एवं निराश्रित बच्चों के पुनर्वास कराने के साथ अन्य योजनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया था.

योगी ने कहा था कि पौराणिक आस्था एवं संस्कृति से जुड़े रहने के लिए ब्रज क्षेत्र में ऐसे पौधों को लगाया जाए, जो हमारी विरासत हैं. श्रीकृष्ण की प्रिय प्रजातियों के आठ लाख पौधों का रोपण, वृन्दावन स्थित कुम्भ क्षेत्र में केशीघाट से कुम्भ द्वार तक परिक्रमा मार्ग के किनारे फेन्सिंग का कार्य, गोवर्धन परिक्रमा क्षेत्र में स्थित कुण्डों, सरोवरों, वन क्षेत्रों में जलापूर्ति की व्यवस्था करने, गोवर्धन में बड़ी व छोटी परिक्रमा मार्ग पर सुव्यवस्थित पेयजल हेतु वॉटर लाइन, टीटीएसपी बूथ के कार्य के संचालन एवं रख-रखाव के कार्य सम्मिलित हैं.

साथ ही, ग्राम भद्रवन बांगर स्थित प्राचीन हनुमान मन्दिर प्रांगण के विकास एवं सौन्दर्यीकरण, तीर्थ यात्रा पड़ाव हॉल बनाने, तहसील मांट के ग्राम डडीसरा स्थित नारद कुण्ड का पुनर्विकास एवं सौन्दर्यीकरण का कार्य, पिरसुआ कुण्ड का पुनर्विकास एवं सौन्दर्यीकरण का विकास के साथ अनेक कार्यों पर चर्चा की गई थी. कुछ दिन पहले योगी आदित्यनाथ वृन्दावन में रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम चैरिटेबल हॉस्पिटल में कैथ लैब का उद्घाटन किया था.

रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम पिछले एक सौ चौदह वर्षों से स्वास्थ्य, शिक्षा और कल्याण के क्षेत्र में समाज को धर्मार्थ अपनी सेवाएं प्रदान कर रहा है। इसका लाभ मथुरा एवं ब्रज क्षेत्र को भी मिल रहा है. तीन वर्ष पहले राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द के साथ योगी इस चैरिटेबल हॉस्पिटल के शारदा ब्लॉक के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल हुए थे. रामकृष्ण मिशन की स्थापना स्वामी विवेकानन्द ने अपने गुरु रामकृष्ण परमहंस की स्मृति में की थी.

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत के सनातन धर्म को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए स्वामी विवेकानन्द ने मंच प्रदान किया था. देश व धर्म के प्रति विवेकानन्द जी की सेवाएं उन्हें महानता के शिखर तक ले जाती हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य व मानव कल्याण के क्षेत्र में जो अद्भुत कार्य रामकृष्ण मिशन ने सराहनीय कार्य किया है.

(उपरोक्त लेखक के निजी विचार हैं….!!)

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