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तर्कसंगत अंकों के निर्धारण के संबंध में मांगे सुझाव

लखनऊ। हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट के पंजीकृत छात्रों के तर्कसंगत अंको के निर्धारण के सम्बन्ध में विगत कई दिनों से माध्यमिक शिक्षा विभाग में बैठकों का क्रम जारी है। इसी क्रम में आज अपर मुख्य सचिव, माध्यमिक शिक्षा आराधना शुक्ला की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के शिक्षक विधायकों, प्रधानाचार्य परिषद एवं शिक्षक संगठनों से चर्चा की गई।

आराधना शुक्ला ने कहा कि कोरोना महामारी से उत्पन्न असाधारण परिस्थितियों के कारण छात्रों के स्वास्थ्य के दृष्टिगत व्यापक छात्र हित एवं जनहित में मुख्यमंत्री एवं माननीय उपमुख्यमंत्री द्वारा माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश प्रयागराज की वर्ष 2020-21 की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाएं निरस्त करने का निर्णय लिया गया है। छात्रों के तर्क संगत अंकों के निर्धारण के संबंध में यह चर्चा रखी गयी है।

विधान परिषद सदस्य डॉ. हरि सिंह ढिल्लो द्वारा अवगत कराया गया कि हाई स्कूल में प्राप्त अंकों के साथ कक्षा-11 के वार्षिक प्राप्तांक तथा प्री बोर्ड के अंकों को सम्मिलित करते हुए इंटरमीडिएट का परीक्षाफल तैयार किया जाए। यदि भविष्य में छात्र चाहता है तो उसे सुधार का भी अवसर मिलना चाहिए। डॉ. शर्मा ने कहा कि छात्रों को भविष्य में सुधार का अवसर प्रदान किया जाय।

विधान परिषद सदस्य उमेश द्विवेदी ने कहा कि विद्यालयों के प्रधानाचार्यों द्वारा दिये गये अंकों को आधार बनाया जाय। विधान परिषद सदस्य सुरेश चन्द्र त्रिपाठी ने सुझाव दिया गया कि विद्यालय द्वारा प्रदत्त अर्द्धवार्षिक, वार्षिक तथा प्री बोर्ड के अंकों के आधार पर परीक्षाफल तैयार किया जाना चाहिए।

विधान परिषद सदस्य आकाश अग्रवाल द्वारा ने कहा कि प्री बोर्ड के साथ बोर्ड के अंकों को आधार बनाया जाय। सुनील कुमार भडाना, अध्यक्ष, राजकीय शिक्षक संघ द्वारा मासिक, अर्धवार्षिक एवं प्री बोर्ड के अंकों के आधार पर परीक्षाफल तैयार किये जाने का सुझाव दिया गया। विधान परिषद सदस्य श्रीचंद शर्मा ने सुझाव दिया कि औपचारिक पठन-पाठन प्रभावित होने के कारण छात्रों को उदारता से अंक दिया जाय तथा भविष्य में सुधार हेतु पुनः अवसर प्रदान किया जाय।

वहीं विधान परिषद सदस्य लाल बिहारी यादव द्वारा यह सुझाव दिया गया कि अंको का निर्धारण इस प्रकार किया जाना चाहिए जिससे विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सम्मिलित होने वाले छात्रों का अहित न हो। शिक्षा निदेशक विनय कुमार पाण्डेय ने कहा कि यदि किसी भी हितधारक को कोई सुझाव देना है तो वह अपने सुझाव ई-मेल [email protected] पर 10 जून तक दे सकते हैं। वीडियो क्रांफ्रेसिंग में मंजू शर्मा, अपर शिक्षा निदेशक, दिव्यकान्त शुक्ल, सचिव, माध्यमिक शिक्षा परिषद सहित विभाग के अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

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