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सीएचसी अधीक्षक व स्वास्थ्य पर्यवेक्षक विवाद: अधीक्षक बोले गलत तरीके से ली नौकरी, कार्रवाई होने पर लगा रहा झूठे आरोप

औरैया/बिधूना। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बिधूना में तैनात एक स्वास्थ्य पर्यवेक्षक ने सीएमओ पत्र लिखकर अधीक्षक पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए कहा था कि जिससे वह अवसाद की स्थित में है। अब अधीक्षक ने कहा कि स्वास्थ्य पर्यवेक्षक ने गलत तरीके से मृतक आश्रित कोटे से नौकरी हासिल की थी। जिस संबंध में सीएमओ के साथ मेरे द्वारा किये गये पत्राचार से असंतुष्ट हो कर्मी उन पर अर्नगल आरोप लगा रहा है। जो कि सब बेबुनियाद हैं।

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सीएचसी बिधूना में पत्रकारों के साथ वार्ता करते हुए अधीक्षक सिद्धार्थ वर्मा ने बताया कि सीएचसी में स्वास्थ्य पर्यवेक्षक पंकज दुबे मृतक आश्रित कोटे में लगे हुए है। बताया कि इनकी माता कांती दुबे व पिता रमेश चन्द्र दुबे स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत थे। बताया कि पिता के सरकारी सेवा में कार्यरत रहते हुए माता की मृत्यु के बाद पंकज ने झूठा शपथ पत्र देकर वर्ष 2010 में अनुकंपा नियुक्ति पा ली थी।

बताया कि शासन के निर्देश पर 07 नवम्बर 2022 को एक पत्र प्राप्त हुआ था। जिसमें समूचे प्रदेश में अनुकंपा नियुक्ति प्राप्त करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा पुनः शपथ पत्र प्राप्त करने को कहा गया था। जिस क्रम में पंकज दुबे से भी शपथ पत्र मांगा गया था।

सीएचसी अधीक्षक व स्वास्थ्य पर्यवेक्षक विवाद

बताया कि पंकज का मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में होने के बाद भी इनके द्वारा विभाग को गुमराह करते हुए दिये गये शपथ पत्र में बताया गया कि उनके माता या पिता सरकारी सेवा में नहीं थे। साथ ही अपने मूल निवास का पता सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बिधूना लिखा। बताया कि जबकि पंकज दुबे की माता कान्ती दुबे सीएचसी बिधूना में एएनएम के पर तैनात थीं।

जिसका शपथ पत्र में कोई उल्लेख नहीं किया गया। बताया कि पंकज ने अपने पिता रमेश चन्द्र दुबे के भी किसी सरकारी निगम या सरकारी पद पर कार्यरत नहीं होना बताया था। बताया कि उसी परिप्रेक्ष्य में मैंने पंकज से नौ बिन्दुओं पर स्पष्टीकरण मांगा था। इसी को लेकर पंकज दुबे उन पर अर्नगल आरोप लगा रहे हैं।

पंकज के कार्य व्यवहार पर बोले – बताया कि 03 जून 2022 को सीएमओ कार्यालय से एक पत्र जारी हुआ था। जिसमें कहा गया था कि सेकेण्ड कोल्ड चैन हैण्डलर के रूप में कार्य करेंगे। लेकिन बैठकों में उब्ल्यूएचओ द्वारा बराबर लिखकर आता है कि इनके द्वारा सहयोग अप्राप्त है। इनके द्वारा कोई सहयोग नहीं किया गया है। बताया कि एक साल से मैं देख रहा हूं कि पंकज द्वारा कोई कार्य नहीं किया जा रहा है।

वायरल आडियो के बारे में बोले – इसी बीच एक आडियो वायरल हुआ है। जो अधीक्षक व बीसीपीएम के बीच वार्ता का बताया गया। जिसमें अधीक्षक बीसीपीएम को अस्पताल में भ्रष्टाचार फैलाने के आरोप के साथ धमकाते और असपताल में न आने की बात कहते सुनाई दे रहे हैं। इस पर अधीक्षक ने कहा कि वायरल आडियो करीब दो माह पुराना है।

जोकि बीसीपीएम अनुपम अवस्थी द्वारा वायरल किया जा रहा है। उसमें भी मैंने अस्पताल में कार्यरत आशाओं का पक्ष रखा था। जिसमें कहा था कि आशा एक छोटी इकाई है। उनको बहुत कम मानदेय मिलता है। अगर उसमें भ्रष्टाचार फैलाओगे तो ठीक नही है। कहा कि मुझे नहीं लगता कि उसमें मैंने कुछ कहा।

एक और स्वास्थ्य पर्यवेक्षक ने शिकयत – वहीं सीएचसी में तैनात एक और स्वास्थ्य पर्यवेक्षक राजीव कुमार ने अधीक्षक के खिलाफ सीएमओ को एक लिखित शिकयत पत्र दिया है, जिसमें उसने भी अधीक्षक पर मानसिक उत्पीड़न, गाली गालौज करने व जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। इस संबंध में अधीक्षक ने बताया कि उनके यहां स्वास्थ्य पर्यवेक्षक पद 03 लोग तैनात है। जिसमें एक स्वास्थ्य पर्यवेक्षक द्वारा कार्य किया जा रहा है। राजीव के द्वारा फिलहाल कोई कार्य नहीं किया जा रहा है। मेरे द्वारा जब कार्य करने के लिए बोला जाता है तो कहने लगते है कि उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है।

रिपोर्ट – संदीप राठौर चुनमुन

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