Breaking News

आज से पितृ पक्ष शुरु, 15 दिन होंगे श्राद्ध व तर्पण के कार्यक्रम

गंगा घाटों तक होंगे विविध कार्यक्रम

पितृ तर्पण से पूर्वज होते हैं प्रसन्न

रायबरेली। हिंदू धर्म में पितृ पक्ष का बहुत अधिक महत्व है। लोग पितृ पक्ष को श्राद्ध पक्ष के नाम से पुकारते है। पितृ पक्ष में पितरों का श्राद्ध और तर्पण किया जाता है। मान्यता है कि इस पक्ष में विधि- विधान से पितर संबंधित कार्य करने से पितरों का आर्शावाद प्राप्त होता है। पितृ पक्ष की शुरुआत भाद्र मास में शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि से होती है।

आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि तक पितृ पक्ष रहता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पितृ पक्ष के दौरान पितर संबंधित कार्य करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। आज से पितृ पक्ष आरंभ हो जाएगा और 25 सितंबर को पितृ पक्ष का समापन हो जाएगा। पितृ पक्ष में मृत्यु की तिथि के अनुसार श्राद्ध किया जाता है। अगर किसी मृत व्यक्ति की तिथि ज्ञात न हो तो ऐसी स्थिति में अमावस्या तिथि पर श्राद्ध किया जाता है। इस दिन सर्वपितृ श्राद्ध योग माना जाता है।

श्राद्ध तर्पण करने से पितृ होते हैं प्रसन्न

पंडित शिवकुमार तिवारी बताते हैं कि पितृ पक्ष में पितर संबंधित कार्य करने से व्यक्ति के जीवन में सुख समृद्धि आती है।इस पक्ष में श्राद्ध तर्पण करने से पितर प्रसन्न होते हैं और आर्शीवाद देते हैं।पितर दोष से मुक्ति के लिए इस पक्ष में श्राद्ध, तर्पण करना शुभ होता है।

घर पर बुधवार से करें तर्पण

पण्डित शिवकुमार तिवारी ने बताया की किसी विद्वान ब्राह्मण के जरिए ही श्राद्ध कर्म (पिंड दान, तर्पण) करवाना चाहिए। श्राद्ध कर्म में पूरी श्रद्धा से ब्राह्मणों को तो दान दिया ही जाता है साथ ही यदि किसी गरीब, जरूरतमंद की सहायता भी आप कर सकें तो बहुत पुण्य मिलता है। उन्होने बताया क्योकि पांचक लगा है इसलिए जो लोग अपना घर पर तर्पण करते है वह बुधवार से जल उठा सकते हैं।09

इन गंगा घाटों पर होंगे पिण्डदान के कार्यक्रम

रायबरेली। जिले के डलमऊ , गोकना, गेगासो आदि गंगा तटो पर भी जनपद व गैर जनपद वासी आकर पिण्ड दान आदि के कार्य सम्पन्न करवाते हैं। इस बार आज से पितृ पक्ष लग रहे हैं। घाट पर दूर-दराज से लोग आ कर पिण्ड दान आदि के कार्य करवाते हैं।

        दुर्गेश मिश्रा

About Samar Saleel

Check Also

शांति और सहिष्णुता के संदेश के साथ मनाई गई बापू की153वीं जयंती

🔊 खबर सुनने के लिए क्लिक करें राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 153वीं जयंती दुनिया भर ...