तीर्थाटन व पर्यटन में प्रगति

डॉ दिलीप अग्निहोत्री
 डॉ. दिलीप अग्निहोत्री

केंद्र व उत्तर प्रदेश की वर्तमान सरकार उत्सव को भी देश की प्रगति से जोड़ने का अभिनव कार्य कर रही है। भारत में अनेक उत्सव किसी स्थान विशेष व प्रसंग से संबंधित है। लेकिन इनका विस्तार सांस्कृतिक राष्ट्र तक व्यापक रहा है। प्रभु श्री राम ने दशमी पर लंका विजय की थी। विजय दशमी हमारे यहां उत्सव बन गया। प्रभु श्री राम विजय प्राप्त करने के बाद अयोध्या पहुंचे थे। उनके स्वागत में दीपोत्सव किया गया। यह दीपावली पर्व बन गया। बरसाने की होली सभी के लिए उत्साह का पर्व बन गया।

नवरात्र पर अनेक देवीधाम आराधना उपासना से गूंजते है। यह सब तीर्थ बन गए। काशी की शिवरात्रि दुनिया में प्रसिद्ध है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऐसे सभी स्थलों को पर्यटन व तीर्थाटन विकास से जोड़ दिया। पिछली सरकारों ने इन स्थानों को कभी इस रूप में विकसित करने का प्रयास नहीं किया। यही कारण था कि पर्यटन का पर्याप्त विकास नहीं हो सका। इसके लिए विशेष तैयारियों की आवश्यकता होती।

बेहतर सड़क, कनेक्टिविटी, होटल, ढांचागत विकास बिजली की पर्याप्त आपूर्ति,स्वच्छता आदि सभी पर ध्यान देने की आवश्यकता होती है। योगी आदित्यनाथ ने इन सभी मोर्चों पर एक साथ कार्य किया। उन्होंने अयोध्या में भव्य दीपोत्सव की परम्परा प्रारंभ की। यहां का दीपोत्सव दुनिया में प्रसिद्ध हुआ। देश विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचने लगे। इसी प्रकार ब्रज व काशी क्षेत्र का विकास किया गया। गोरक्ष पीठ का विजय दशमी उत्सव दूर दूर तक प्रसिद्ध है। इस अवसर पर निकलने वाली शोभा यात्रा का विशेष महत्व होता है।

इसके अलावा विजय दशमी से संबंधित अन्य अनुष्ठानों के प्रति भी जनमानस की गहरी दिलचस्पी होती है। योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में भी पर्यटन विकास के कदम उठाए। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नये भारत का नया उत्तर प्रदेश बन रहा है। प्रदेश सरकार राज्य की सांस्कृतिक विरासत एवं ऐतिहासिक स्थलों को अक्षुण्ण रखने का कार्य कर रही है। पर्यटन विकास की विभिन्न परियोजनाएं पूरे प्रदेश में क्रियान्वित करायी जा रही हैं। प्रदेश सरकार बिना भेदभाव के समाज के सभी लोगों के कल्याण के लिए निरन्तर प्रयत्नशील है। काशी में बाबा विश्वनाथ धाम एक नये स्वरूप में विकसित हो रहा है। मां विंध्यवासिनी कॉरिडोर का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। प्रयागराज के दिव्य एवं भव्य कुम्भ को पूरी दुनिया ने देखा है और उसकी स्वच्छता, सुरक्षा एवं सुव्यवस्था की सराहना की है।

नमामि गंगे परियोजना द्वारा गंगा को अविरल एवं निर्मल बनाया जा रहा है। यह सभी हमारे गौरव के प्रतीक हैं। नये भारत का नया उत्तर प्रदेश अपने सांस्कृतिक मूल्यों की पुनर्स्थापना के लिए पूरी दृढ़ प्रतिज्ञा के साथ आगे बढ़ रहा है। नरेंद्र मोदी के प्रयासों से भारत की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर प्रखरता से प्रस्तुत किया जा रहा है। वर्षाें के संघर्ष के बाद अयोध्या में श्रीराम का भव्य मन्दिर का निर्माण प्रारम्भ हो चुका है। प्रभु श्रीराम के चरित्र से धर्म के सभी गुण दृष्टिगोचर होते हैं। हमें केवल विचारों से ही नहीं, बल्कि आचरण से भी मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के गुणों को अंगीकार करने का प्रयास करना होगा। श्रीराम की कार्यशैली में सर्वसमावेश की भावना दृष्टिगोचर होती है।

उन्होंने कभी महिला पुरुष में भेद नहीं किया। मर्यादा पुरुषोत्तम ने भारत की ऋषि एवं ज्ञान परम्परा को विकसित करने का कार्य किया। भारत की सांस्कृतिक इकाई को एकीकृत किया था। योगी आदित्यनाथ ने भगवान श्रीराम के जीवन दर्शन को अपनाने व सदैव सत्य एवं धर्म की राह पर चलने का आह्वान किया। गोरक्षपीठ अपने ऐतिहासिक क्रम से ही मानसरोवर मन्दिर में पूजन अर्चन एवं रामलीला का आयोजन करता आ रहा है। सत्य एवं धर्म का मार्ग हमें सदैव अपने कर्तव्य पथ पर अग्रसर रहने की प्रेरणा प्रदान करता है। प्रदेश में पर्यटन विकास के लिए बुनियादी ढांचागत निर्माण किया जा रहा है।

पूर्वान्चल एक्सप्रेस वे,गंगा एक्सप्रेस-वे,जेवर अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट, उड़ान योजना के तहत हवाई अड्डों का विकास, फ्रंट काॅरिडोर आदि से विकास को गति मिल रही है। जेवर में नोएडा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट की स्थापना तथा यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण में फिल्म सिटी का विकास किया जा रहा है। वैसे भी उत्तर प्रदेश में तीर्थाटन व पर्यटन विकास की व्यापक संभावना रही है। लाखों दर्शनार्थी इन सभी स्थलों पर प्रति वर्ष आते है। उनके आगमन से यहां लघु भारत का दृश्य दिखाई देता है। इतना ही नहीं विदेशी पर्यटकों की आमद भी कम नहीं होती है। इन सभी स्थलों को प्रदेश के समग्र विकास से जोड़ा गया है। पर्यटन व तीर्थाटन से अर्थव्यवस्था को बल मिलता है। योगी आदित्यनाथ ने सन्देश दिया कि यह साम्प्रदायिक विषय नहीं है। यह प्रदेश के विकास से जुड़ा मुद्दा है। जिसे साम्प्रदायिक समझ कर अब तक उपेक्षा की गई।

पिछली सरकारें वोटबैंक सियासत के कारण इन स्थलों से दूरी बना कर रखती थी। इस कारण यहां अपेक्षित विकास नहीं किया गया। जबकि दशकों पहले ही यहां विश्वस्तरीय विकास की आवश्यकता थी। इस कार्य को केंद्र व प्रदेश की वर्तमान सरकारें पूरा कर रही है। सभी तीर्थ क्षेत्रों में जन सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। कुछ दिन पहले माँ विन्ध्यवासिनी कॉरिडोर का शुभारम्भ एवं रोप वे का उद्घाटन किया गया था। कॉरिडोर परियोजन में मंदिर परकोटा एवं परिक्रमा पथ का निर्माण,रोड व मेन गेट की अवस्थापना का निर्माण,मंदिर की गलियों में फसाड ट्रीटमेंट का निर्माण,पहुंच मार्गों का सुदृढ़ीकरण एवं निर्माण कार्य,पार्किंग स्थल,शॉपिंग सेण्टर व अन्य यात्री सुविधाओं का निर्माण सम्मिलित हैं। योगी आदित्यनाथ ने तीर्थाटन व पर्यटन के क्षेत्र में दशकों से चली आ रही नीति में व्यापक सुधार किया है।

उन्होंने आस्था के साथ विकास को भी जोड़ा है। काशी मथुरा अयोध्या आदि विश्व प्रसिद्ध नगरों का होना उत्तर प्रदेश के लिए गौरव की बात है। किंतु इस गौरव के अनुरूप विशेष जिम्मेदारी की अपेक्षा भी अपेक्षा रहती है। पिछली सरकारों ने इस ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया। योगी आदित्यनाथ ने अनेक अवसरों पर कहा कि पिछली सरकारें इन स्थलों का नाम लेने से डरती थी। उन्हें लगता था कि ऐसा करने से उनकी सेक्युलर छवि खराब होगी। जबकि यह जनहित से जुड़ा विषय था।

योगी आदित्यनाथ ने तीर्थाटन व पर्यटन विकास पर ध्यान दिया। यहां के विकास का लाभ बिना भेदभाव के सभी स्थानीय लोगों को मिल रहा है। इसके साथ ही पर्यटन के लिए पहुंचने वाले लोगों को भी सुविधाएं उपलब्ध हो रही है। पिछले दिनों अयोध्या में राष्ट्रपति ने अनेक विकास कार्यों का भी शुभारंभ किया था।योगी आदित्यनाथ सभी क्षेत्रों की यात्रा के दौरान विकास की योजनाएं भी ले जाते है।

केन्द्र सरकार की स्वदेश दर्शन योजना के तहत रामायण स्प्रिचुअल,बौद्ध,हेरिटेज आदि सर्किट के माध्यम से प्रदेश के पर्यटक स्थलों का व्यवस्थित विकास कराया जा रहा है। राज्य की प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक पर्यटन स्थल पर विभिन्न पर्यटन सुविधाओं के विकास के लिए मुख्यमंत्री पर्यटन संवर्धन योजना लागू की गयी है। राज्य में पर्यटन स्थलों को आकर्षक एवं सुविधापूर्ण बनाने के पर्यटन विभाग के प्रयासों के सार्थक परिणाम सामने आ रहे हैं। पर्यटन सुविधाओं के विकास के सम्बन्ध में सबसे पहला प्रयास अन्तःकरण के भाव को सम्मान देने के लिए स्प्रिचुअल पर्यटन के क्षेत्र में हुआ होगा।

इस क्षेत्र में उत्तर प्रदेश दुनिया के सबसे समृद्ध क्षेत्रों में है। यहां श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े अनेक स्थल भगवान श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या, भगवान श्रीकृष्ण की लीलाभूमि मथुरा, भगवान विश्वनाथ की धरती तथा विश्व की प्राचीनतम नगरी काशी, दुनिया की सबसे पवित्र नदियों गंगा जी व यमुना जी के संगम के रूप में कुम्भ की धरती प्रयागराज,विभिन्न शक्ति केन्द्र,भगवान बुद्ध से जुड़े छह प्रमुख स्थल, जैन परम्परा के तीर्थंकरों से सम्बन्धित अनेक पवित्र स्थल हैं। हेरिटेज टूरिज्म से सम्बन्धित अनेक महत्वपूर्ण स्थल उत्तर प्रदेश में हैं।

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