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स्वच्छता ही संचारी रोग नियंत्रण का बेहतर उपाय

जिले में विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान 02 अप्रैल से 30 अप्रैल 2022 तक चलेगा।

◆ संचारी रोग नियंत्रण के लिए दायित्व के पालन करने की जिलाधिकारी ने शपथ दिलाई।

◆ हरी झंडी दिखाकर 39 वाहन को फॉगिंग हेतु किया रवाना।

कानपुर। जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने आज संचारी रोग व दिमागी बुखार पर नियंत्रण एवं सही उपचार के लिए संचारी रोग नियंत्रण अभियान का शुभारंभ मान्यवर काशीराम जिला संयुक्त चिकित्सालय से फीता काटकर किया। इस मौके पर जिलाधिकारी द्वारा अभियान से जुड़े अधिकारी व कर्मचारियों को संचारी रोग नियंत्रण के लिए दायित्व पालन करने के लिए शपथ दिलाई। शपथ दिलाने के बाद जिलाधिकारी ने हरी झंडी दिखाकर 39 वाहन को जनपद में फॉगिंग हेतु रवाना किया। कार्यक्रम में नगर स्वास्थ्य अधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी तथा अन्य सभी विभागों के प्रतिनिधि सहित अन्य सम्बंधित लोग उपस्तिथ रहे।

जिलाधिकारी ने अपने सम्बोधन में कहा कि जनपद में आज से विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान शुरू हो रहा है। इस अभियान के अंतर्गत 15 अप्रैल से घर-घर दस्तक अभियान का शुभारंभ होगा और इसमें मेडिकल टीमें घर-घर जाकर संक्रामक रोगों से ग्रस्त मरीजों की पहचान करेंगी। जिला अधिकारी जनपद वासियों से अपील की कि घर के सामने जलभराव न होने दें, कूलर के पानी को बदलते रहें, टायर, ट्यूब, गमलों के पानी को खाली कर दें, गड्ढों को मिट्टी से ढंक दिया जाए, पूरे बांह वाले कपड़े, पैंट और मोजे पहने, मच्छरदानी का उपयोग करें, खुले में शौच न करें, शौचालय का उपयोग करें, चूहे और छछूंदर से बचाव के उपाय करें।

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ नेपाल सिंह ने कहा की विशेष संचारी रोग नियन्त्रण अभियान के दौरान वेक्टर जनित रोग जैसे मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया की रोकथाम के लिए के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अभियान के दौरान बुखार, टीबी, कोविड आदि लक्षणों वाले व्यक्ति के बारे में घर-घर जाकर पूछताछ की जाएगी। लक्षण मिलने पर चिह्नित कर उन्हें अस्पताल भेजा जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर नि:शुल्क एंबुलेंस की सेवा भी उपलब्ध रहेगी। लक्षण मिलने वाले व्यक्ति का पूरा नाम पता और मोबाइल नंबर सहित पूरा विवरण एएनएम के माध्यम से ब्लॉक मुख्यालय तक भेजा जाएगा।

दस्तक अभियान के तहत कुपोषित बच्चों को भी चिन्हित किया जायेगा।

अभियान के दौरान आशा, आंगनवाड़ी और संगिनी कार्यकर्ता घर-घर जाकर कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों की सूची बनाएंगी। फिर यह सूची ए.एन.एम के जरिए ब्लॉक मुख्यालय पर भेजी जाएगी। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग कुपोषित व अति कुपोषित बच्चों को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से पोषण पुनर्वास केंद्रों पर उपचार एवं पोषण उपलब्ध कराया जायेगा।

अन्य विभाग भी करेंगे मदद

जिला मलेरिया अधिकारी एके सिंह ने बताया कि चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग, नगर पंचायत विकास, पंचायती राज, ग्राम्य विकास विभाग, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग, शिक्षा विभाग, दिव्यांगजन विभाग, कृषि एवं सिचाई विभाग, सूचना और उद्यान विभाग की सहभागिता रहेगी। सभी विभागों को जिम्मेदारियां सौंप दी गई है। जहां भी मच्छर पनपने की संभावना होगी। वहां निरोधात्मक कार्रवाई की जाएगी।

इस दौरान संचारी रोगों के नोडल अधिकारी, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी, समस्त अपर मुख्यचिकत्साधिकारी, जिला स्वास्थ्य शिक्षा सूचना अधिकारी , जिला मलेरिया अधिकारी, सहायक जिला मलेरिया अधिकारी व सहयोगी संस्था विश्व स्वास्थ्य संगठन , यूनिसेफ ,सेण्टर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च व एफएचआई के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

रिपोर्ट-शिव प्रताप सिंह सेंगर

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