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रामनाथ पांडेय शिखर सम्मान से डॉ. मयंक मुरारी और डॉ.जौहर शफियाबादी सम्मानित हुए

नई दिल्ली। भोजपुरी के प्रथम उपन्यासकार रामनाथ पांडेय की पुण्यतिथि पर 16 जून को पटना में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें डॉ.मयंक मुरारी और डॉ.जौहर शफियाबादी को प्रथम रामनाथ पांडेय शिखर सम्मान प्रदान किया गया। दोनों विद्वानों को स्मृति चिह्न, प्रशस्ति पत्र और शॉल से सम्मानित किया गया।

रामनाथ पांडेय शिखर सम्मान से डॉ. मयंक मुरारी और डॉ.जौहर शफियाबादी हुए सम्मानित 

सारण भोजपुरिया समाज और जागृत प्रकाशन के तत्वावधान में मैत्री शांति भवन, अशोक राजपथ पर आयोजित इस कार्यक्रम में रामनाथ पांडेय की कालजयी रचना “महेन्दर मिसिर” का लोकार्पण भी हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता चंद्रकेतु नारायण सिंह ने किया। अन्य मंचासीन अतिथियों में डॉ.सुनील पाठक, पूनम आनंद, तैय्यब हुसैन पीड़ित, भगवती प्रसाद द्विवेदी थे। लोकार्पण के बाद रामनाथ पांडेय जी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर उपस्थित विद्वतजनों ने प्रकाश डाला। व्याख्यान के बाद काव्य पाठ का भी आयोजन हुआ।

इसमें डॉ. मीना पांडेय, दिवाकर उपाध्याय, मधुरानी लाल, सुजीत सिंह सौरभ, श्याम श्रवण, सुधांशु कुमार सिंह ने अपनी रचनाओं का पाठ किया। अन्य उपस्थित अतिथियों में भोजपुरी साहित्य जगत से जुड़ी कई हस्तियां शामिल थीं, जिनमें शुभ नारायण सिंह शुभ, राजेंद्र गुप्त, प्रेमलता, यशवंत मिश्रा, प्रणव पराग, रवि प्रकाश सूरज आदि प्रमुख थे। धन्यवाद ज्ञापन रामनाथ पांडेय के ज्येष्ठ सुपुत्र बिमलेंदु भूषण पांडेय ने किया तथा मंच संचालन दिवाकर उपाध्याय ने किया।

8 जून से चल रहा आयोजन

हर वर्ष की तरह इस बार भी कार्यक्रमों का सिलसिला रामनाथ पांडेय की जयंती 8 जून से प्रारंभ हुआ। 8 जून को चंपारण में 100 से ज्यादा कलाकारों का सम्मान किया गया। इसके साथ ही सारण भोजपुरिया समाज के पेज से हर दिन लाइव कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इसमें एक दर्जन से ज्यादा विद्वानों भोजपुरी साहित्य व रामनाथ पांडेय की कृतियों पर अपने विचार व्यक्त किए।

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