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लता मंगेशकर चौक : संगीत साधना का सम्मान 

    डॉ. दिलीप अग्निहोत्री

पौराणिक स्थलों को विश्व स्तरीय बनाने के अनेक आयाम होते हैं। यहां केवल तीर्थयात्री ही नहीं आते हैं। बल्कि अन्य देशों से पर्यटक भी पहुँचते हैं। केंद्र और उत्तर प्रदेश की वर्तमान सरकार ऐसे स्थलों का विश्व स्तरीय विकास कर रही है। अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि पर भव्य मन्दिर निर्माण का कार्य प्रगति पर है। इसके अलावा यहां व्यापक विकास कार्य संचालित हो रहे हैं।

इनमें अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा,दशरथ मेडिकल कालेज सहित हजारों करोड़ रुपये की योजनाएं शामिल हैं। सम्पूर्ण अयोध्या को आकर्षक बनाया जा रहा है। विश्व स्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है। मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथ ने स्वय यह मोर्चा संभाला है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वीडियो संदेश के  साथ उत्तर प्रदेश के योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में लता मंगेशकर चौक का लोकार्पण किया।

अयोध्या नगरी का नया घाट बंधा चौराहा अब लता मंगेशकर चौक (Lata Mangeshkar Chowk) के नाम से जाना जाएगा।इस अभिनव कार्य के लिए नरेन्द्र मोदी ने योगी आदित्यनाथ को बधाई दी। प्रधानमंत्री ने कहा है कि भारतरत्न लता मंगेशकर मां सरस्वती थीं। जन्मभूमि पर भूमि पूजन के पहले उन्होंने नरेन्द्र मोदी से फोन पर वार्ता की थी। वह भावविभोर थी।

श्री राम से सम्बन्धित अनेक भजनों को उन्होने स्वर दिया था। नरेंद्र मोदी ने उनके भजन की पँक्तियाँ दोहराई ”मन की अयोध्या तब तक सूनी, जब तक राम ना आए” रामचरितमानस का प्रसंग सुनाया। जिसमें कहा गया है-”राम ते अधिक राम कर दासा।” अर्थात राम जी के भक्त राम जी के भी पहले आते हैं। इसलिए, राम मंदिर के भव्य निर्माण के पहले उनकी आराधना करने वाली उनकी भक्त लता दीदी की स्मृति में बना ये चौक भी मंदिर से पहले ही बन गया है।

भारत के कला जगत के हर साधक को इस चौक से बहुत कुछ सीखने को मिलेगा। वीणा से अयोध्या का विकास और प्रेरणा को गुंजायमान होगी। लता जी के भजन लोगों अंतर्मन को राममय बनाने में सहायक थे। ‘श्रीरामचन्द्र कृपालु भज मन, हरण भव भय दारुणम’ और ‘पायो जी मैंने राम रतन धन पायो’, ‘वैष्णव जन’, ‘तुम आशा विश्वास हमारे राम’, जैसे अनगिनत भजन इसके उदाहरण है।

लता जी द्वारा उच्चारित मंत्रों में, भजनों में केवल उनका कंठ ही नहीं बल्कि उनकी आस्था, आध्यात्मिकता और पवित्रता भी गूंजती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रभु राम हमारी सभ्यता के प्रतीक पुरुष हैं। अयोध्या से लेकर रामेश्वरम तक वह भारत के कण-कण में समाये हुये हैं।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या को विश्व स्तर के शहर के अनुरूप भव्य दिव्य बनाना है। लताजी के जन्म दिवस पर भारत वर्ष में उनके नाम पर सबसे पहले एक स्मारक के रूप में उप्र में भगवान श्रीराम की जन्म स्थली अयोध्या में चौक का निर्माण किया गया।

यह एक शुरुआत है.अयोध्या में सभी चौराहो पर महापुरुषों की मूर्ति व स्मारक बनाया जायेगा, जिसमें जगतगुरू रामानन्दाचार्य, रामानुजाचार्य आदि प्रसिद्ध के अलावा अयोध्या के प्रसिद्व सन्तों श्रीराम जन्मभूमि से जुड़े महानायकों के नाम पर समर्पित चौराहे होंगे। अगले माह दीपोत्सव की भव्यता से तैयारी की जाएगी।

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